Friday, March 28, 2008

एक सुन्दरी मेरे जीवन मे (भाग-दो)

नखरो के साथ पली सुन्दरी को मनपसन्द भोजन उपलब्ध कराना टेढी खीर बन गया। काफी मशक्कत के बाद आखिर उसका अपना भोजन खोज लिया गया। आप इस लेख मे सुन्दरी के लिये भोजन की खोज के विषय मे पढ सकते है।

http://hamarepets.blogspot.com/2008/03/blog-post_26.html

1 comment:

Udan Tashtari said...

अभी पढ़ता हूँ कि कौन है!!!