हिन्दी ब्लाग जगत की वे बेहतरीन रचनाएँ जिन्होने मुझे प्रभावित किया-7
- पंकज अवधिया
जो सुकूं गाँव के मकान में है
21 सितम्बर, 2007 को माननीय नीरज गोस्वामी जी के ब्लाग “नीरज” के माध्यम से की गयी इस प्रस्तुति मे सहजता भी है और गहरायी भी। नीरज जी को मै लगातार पढता रहा हूँ। उनकी सभी बेहतरीन रचनाओ मे से एक को चुनना बडा ही मुश्किल काम है।
इस प्रस्तुति मे वे लिखते है-
वो ना महलों की ऊंची शान में है
जो सुकूं गांव के मकान में है
लूटा उसने ही सारी फसलों को
हमने समझा जिसे मचान में है
http://ngoswami.blogspot.com/2007/09/blog-post_21.html
भूमिका: हिन्दी ब्लाग परिवार मे शामिल होने के बाद मैने अनगिनत चिठ्ठे पढे और इनमे प्रकाशित विचारो/लेखो/निबन्धो/कहानियो ने मेरे जीवन को बहुत प्रभावित किया। यह मेरा कर्तव्य है कि मै फिर इन खूबसूरत मोतियो को आपके सामने प्रस्तुत करुँ ताकि आप हिन्दी ब्लागरो के अविस्मरणीय योगदान को एक बार फिर से जान सके।