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Tuesday, July 31, 2007

वृक्ष, भूत और भगवान

जिन वृक्षो से जुडे है
भूत या भगवान
वो अब भी है सघन आबादी मे
विराजमान

क्यो ना भूत और भगवान से
हर वृक्ष को जोड दे
हो सकता है इससे ही लोग
इन्हे काटना छोड दे

भय ही शायद रोक
पायेगा इंसान को
और बचा पायेगा वृक्षो की
जान को

धरती को बचाने अन्ध-विश्वास की चादर
ओढ ले
क्यो ना भूत और भगवान से
हर वृक्ष को जोड दे
हो सकता है इससे ही लोग
इन्हे काटना छोड दे

चलो अब हर वृक्ष पर
एक कथा लिखे
जिससे वह भूत से लेकर
भविष्य तक जुडा दिखे

जग हित मे पर्यावरण संरक्षण को
एक नया मोड दे
क्यो ना भूत और भगवान से
हर वृक्ष को जोड दे
हो सकता है इससे ही लोग
इन्हे काटना छोड दे

पंकज अवधिया ‘दर्द हिन्दुस्तानी’

(c) सर्वाधिकार सुरक्षित

Saturday, June 16, 2007

टी.वी. चैनल ’विश्व भूत सप्ताह’ तो नही मना रहे

‘भूतो की अदालत’, ‘भूतो का डाँस’, ‘क्या भूत होते है’,
कही भारतीय टी.वी. चैनल
’विश्व भूत सप्ताह’ तो नही मना रहे है
जो सुबह-शाम भूतो के बारे
मे बता रहे है

भूतो पर कुछ सहमत तो
कुछ असहमत है
चलो उन समस्याओ को पहले हल कर ले
जिस पर सब एकमत है

क्यो आम लोगो को और उलझा रहे है
कही भारतीय टी.वी. चैनल
’विश्व भूत सप्ताह’ तो नही मना रहे है
जो सुबह-शाम भूतो के बारे
मे बता रहे है

सबका अपना भूत है
पर चिंता करो कल की
भूत से भी कुछ सबक लो
और बाट जोह सुनहरे पल की

यही तो हमारे बुजुर्ग जाने कब से समझा रहे है
कही भारतीय टी.वी. चैनल
’विश्व भूत सप्ताह’ तो नही मना रहे है
जो सुबह-शाम भूतो के बारे
मे बता रहे है

पंकज अवधिया ‘दर्द हिन्दुस्तानी’