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Thursday, July 3, 2008

आखिर कब तक होती रहेगी भारतीय सम्पदा की चोरी इस तरह?

आखिर कब तक होती रहेगी भारतीय सम्पदा की चोरी इस तरह?

- पंकज अवधिया

कल ही मुझे एक भारतीय वैज्ञानिक का सन्देश मिला जिसमे संकट मे पडे दो विदेशी वैज्ञानिको को बचाने आन-लाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की गयी थी। इस सन्देश मे कहा गया था दोनो विदेशी वैज्ञानिको ने भारतीय कानून तोडा है पर चूँकि उनका विश्व मे बहुत नाम है इसलिये उन्हे छोड दिया जाना चाहिये। मैने इंटरनेट पर खोजा तो घटना की जानकारी मिली। घटना दार्जिलिंग के पास की है जहाँ इसी साल जून के अंतिम सप्ताह मे चेक गणराज्य के दो नागरिक राष्ट्रीय वन्यप्राणी अभ्यारण्य मे बिना अनुमति के सैकडो कीडो के साथ पकडाये। वन विभाग ने वन्यप्राणी सुरक्षा अधिनियम के तहत उन पर कार्यवाही की और न्यायालय ने उन्हे जमानत देने से इंकार कर दिया। अब अगले सप्ताह इसकी सुनवाई होगी। यह भी जानकारी मिली कि इनके पास टाइगर बीटल नामक विशेष आर्थिक महत्व के कीट पाये गये जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार विशेषकर चीन मे बहुत माँग है। एक कीट की कीमत हजारो मे है। जिस भारतीय वैज्ञानिक ने अपील भेजी थी उसका तर्क था कि इन लोगो ने अपने म्यूजियम के लिये इसे एकत्र किया होगा। इतने बडे वैज्ञानिक व्यापार के लिये ऐसा नही कर सकते।

पूरा लेख इस कडी पर पढे

http://ecoport.org/ep?SearchType=earticleView&earticleId=3180&page=12370

Tuesday, July 1, 2008

भैंस की च्यूंगम भला मनुष्य क्यो खा रहा?

भैंस की च्यूंगम भला मनुष्य क्यो खा रहा?
- पंकज अवधिया

कुछ दिनो पहले की बात है मेरे साथ टेबल टेनिस खेलने एक सज्जन आये स्थानीय क्लब मे। खेल से पहले ही उन्होने च्यूंगम का पैकेट निकाला और मुझसे लेने को कहा। अपने छोटे बच्चो को भी उन्होने इसे दी। मैने धन्यवाद कहते हुये इंकार कर दिया। वे बोले यह शुगर फ्री है। मैने कहा कि मेरे न लेने के दूसरे कारण है। बहुत पूछने पर मैने बताया कि यह बच्चो के लिये नही है और इसमे ऐसा तत्व है जो किडनी के लिये नुकसानदायक है। वे हँसने लगे। उन्होने समझा कि मै मजाक कर रहा हूँ। मैने उनसे पैकेट माँगा और फिर उसमे बारीक अक्षरो मे अंकित कुछ पंक्तियाँ पढवा दी। उसमे साफ लिखा था ‘नाट फार माइनर्स’। साथ की एक रसायन का नाम लिखा था। वे चौक पडे। उन्होने घर फोन लगाया और अपनी पत्नी से इंटरनेट पर इस रसायन के बारे मे पता करने को कहा। दस मिनट के अन्दर फोन आया कि हाँ यह रसायन किडनी के लिये अभिशाप है और किडनी के रोगो से प्रभावित रोगियो को तो इसे खाना ही नही चाहिये।

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http://ecoport.org/ep?SearchType=earticleView&earticleId=3180&page=-2

Tuesday, May 20, 2008

नंगे होते पहाड, प्रकृति का उजडता संसार

यह हिन्दी लेख इकोपोर्ट मे पीडीएफ के रुप मे उपलब्ध है। यह देश भर मे प्रकाशित हो चुका है। आप इस कडी पर जाकर इस लेख को पढ सकते है।

http://ecoport.org/ep?SearchType=reference&ReferenceID=557435