यह हिन्दी लेख इकोपोर्ट मे पीडीएफ के रुप मे उपलब्ध है। यह देश भर मे प्रकाशित हो चुका है। आप इस कडी पर जाकर इस लेख को पढ सकते है।
http://ecoport.org/ep?SearchType=reference&ReferenceID=557435
Showing posts with label Hindi Article. Show all posts
Showing posts with label Hindi Article. Show all posts
Tuesday, May 20, 2008
Monday, May 19, 2008
अतिथि देवो भव: : वर्तमान परिपेक्ष्य मे कितना प्रासंगिक?
यह हिन्दी लेख देश भर मे छप चुका है। मनुज फीचर्स के सौजन्य से भी। आप इकोपोर्ट मे इसे पढ सकते है। यह पीडीएफ मे है। आप इस कडी पर जाकर डाउनलोड कर सकते है।
http://ecoport.org/ep?SearchType=reference&ReferenceID=557477
http://ecoport.org/ep?SearchType=reference&ReferenceID=557477
Thursday, January 24, 2008
पैसे से खरीदकर रोज जहर खाता है आम भारतीय
पैसे से खरीदकर रोज जहर खाता है आम भारतीय
"क्या कभी आपने इस बात पर गौर किया है कि चिकित्सा सुविधा और आम लोगो की आय इतनी अधिक बढ जाने के बाद भी रोग कम नही हुये है। हमारी आय का एक बहुत बडा हिस्सा रोगो से मुक्ति पाने मे खर्च हो रहा है। असमय बुढापा आ रहा है, छोटे बच्चे अस्थमा का इनहेलर उपयोग कर रहे है। कैसर जैसे रोग तो हर दसवे घर को शिकार बनाने लगे है। यदि विशेषज्ञो की माने तो हमारे जीवन मे कीटनाशको की इतनी बडी मात्रा मे घुसपैठ इसके लिये काफी हद तक जिम्मेदार है। आप रोगो से तो लड रहे है पर रोग उत्पत्ति के कारणो की अनदेखी कर रहे है। आखिर कब तक आप इस बडे खतरे की अनदेखी करते रहेंगे?"- पूरा लेख इस कडी पर पढे।
http://www.agoodplace4all.com/traditionalmedicine/avoidpesticides.php
Labels:
agriculture,
Cancer,
guest column,
Hindi Article,
Pankaj Oudhia,
Pesticides
Subscribe to:
Posts (Atom)