Thursday, May 21, 2009

मुक्तांगन मे द्विवेदी जी और पाबला जी के सुपुत्र








(सभी चित्र: पंकज अवधिया)

आप भी पधारे छत्तीसगढ। हम ले चलेंगे आपको भी ऐसी अनगिनत जगहे।

5 comments:

नीरज गोस्वामी said...

बहुत अद्भुत जगह है पंकज जी ये तो कुछ कुछ चंडीगढ़ के रोक गार्डन जैसी...ये कहाँ है और क्या है इसकी भी जानकारी दीजिये ना...ताकि पूर्णानंद की प्राप्ति हो.

नीरज

दिनेशराय द्विवेदी said...

जरूर आएंगे छत्तीसगढ़! पर इन चित्रों का तो मुझे भी पता नहीं था। आप का आभार कि ये चित्र मिले और इस स्थान की जानकारी भी।

मीनाक्षी said...

छत्तीसगढ़ के चित्र तो बहुत बढिया लगे... हम तो इंतज़ार कर रहे है कब समय होगा और हम भारत भ्रमण करेगे.. अब तो ब्लॉगजगत मे पूरा भारत है..

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

Wah...nice place & pictures

कडुवासच said...

... सुन्दर, अतिसुन्दर प्रस्तुति ।