Wednesday, July 25, 2007

जब बच्चो को रतनजोत के पास खेलते पाता हूँ

डरता हूँ जब बच्चो को रतनजोत के पास
खेलते पाता हूँ
दुनिया भर मे इससे मौत के आँकडो से
मै सहम जाता हूँ

सब जानकर भी कौन इसे बच्चो तक
ला रहा है
इसे गाँवो और शालाओ मे
फैला रहा है

साथ और कोई नही तो मै अकेला ही
योजनाकारो को समझाता हूँ
डरता हूँ जब बच्चो को रतनजोत के पास
खेलते पाता हूँ
दुनिया भर मे इससे मौत के आँकडो से
मै सहम जाता हूँ

मेरे देश के बच्चे भूखे है
और बीज स्वादिष्ट भी जहरीले भी
इस मौत को पसरते देख रहे हम
बेबस भी ढीले भी

मासूमो की मौत से मिली सम्पन्नता के स्वप्न से
मै घबराता हूँ कतराता हूँ
डरता हूँ जब बच्चो को रतनजोत के पास
खेलते पाता हूँ
दुनिया भर मे इससे मौत के आँकडो से
मै सहम जाता हूँ

पंकज अवधिया ‘दर्द हिन्दुस्तानी’

इस विषय मे अधिक जानकारी के लिये यह कडी देखे

Who will protect our children from Jatropha poisoning?
http://ecoport.org/ep?SearchType=earticleView&earticleId=847&page=-2

(c) सर्वाधिकार सुरक्षित

1 comment:

Udan Tashtari said...

बायो डिजल क्रांति का आगाज-रतनजोत की बढ़ती पैदावार और उससे जुड़े यह खोफनाक तथ्य-हम्म!! चिंतनीय.