Wednesday, January 30, 2008

यूँ तो हथियार न डालिये मच्छरो के आगे

यह गुरुवारीय अतिथि लेख आप इस कडी पर पढ सकते है

http://traditionalmedicine.agoodplace4all.com/post4.php

2 comments:

राज भाटिय़ा said...

पंकज जी नमस्कार,आप ने बिलकुल सही लिखा हे हमे अपने आसपास सफ़ाई जरुर रखनी चहिऎ.मे जब भी घर आता हु,सब से पहले दिन मे घर के सामने वाली सडक की सफ़ाई एक मजदुर ले कर साथ मे खुद लग कर करता हु,लोग कहते हे अरे यहां कोई फ़यादा नही,थोडे दिनो मे फ़िर गन्दगी हो जाये गी,मेरा एक ही जबाब होता हे मुझे साफ़ जगह रहने की आदत हे,जब तक मे जहां रहुगा गन्दगी नही होने दुगां,ओर सच मानो वो १,२ महिने हमारी वो सडक बह्त साफ़ रहती हे,ओर वहां के लोग भी मेरा साथ धीरे धीरे देने लगे,

Gyandutt Pandey said...

अवधिया जी, मच्छर से बचने को घर से बाहर तो मैं रिपेलेण्ट का प्रयोग करता हूं - विकल्प नहीं नजर आता। पर घर में मच्छरदानी बहुत सही उपाय लगता है। सस्ता भी है और निरापद भी।
और स्वच्छता तो सयत्न होनी चाहिये।