Thursday, January 24, 2008

पैसे से खरीदकर रोज जहर खाता है आम भारतीय

पैसे से खरीदकर रोज जहर खाता है आम भारतीय


"क्या कभी आपने इस बात पर गौर किया है कि चिकित्सा सुविधा और आम लोगो की आय इतनी अधिक बढ जाने के बाद भी रोग कम नही हुये है। हमारी आय का एक बहुत बडा हिस्सा रोगो से मुक्ति पाने मे खर्च हो रहा है। असमय बुढापा आ रहा है, छोटे बच्चे अस्थमा का इनहेलर उपयोग कर रहे है। कैसर जैसे रोग तो हर दसवे घर को शिकार बनाने लगे है। यदि विशेषज्ञो की माने तो हमारे जीवन मे कीटनाशको की इतनी बडी मात्रा मे घुसपैठ इसके लिये काफी हद तक जिम्मेदार है। आप रोगो से तो लड रहे है पर रोग उत्पत्ति के कारणो की अनदेखी कर रहे है। आखिर कब तक आप इस बडे खतरे की अनदेखी करते रहेंगे?"- पूरा लेख इस कडी पर पढे।

http://www.agoodplace4all.com/traditionalmedicine/avoidpesticides.php

1 comments:

Gyandutt Pandey said...

शायद इस युग का सबसे बड़ा विरोधाभास है यह कि विकास के नाम पर हम अपने को विष दे रहे हैं।
प्रचण्ड जन जागरण की आवश्यकता है।