Tuesday, July 1, 2008

भैंस की च्यूंगम भला मनुष्य क्यो खा रहा?

भैंस की च्यूंगम भला मनुष्य क्यो खा रहा?
- पंकज अवधिया

कुछ दिनो पहले की बात है मेरे साथ टेबल टेनिस खेलने एक सज्जन आये स्थानीय क्लब मे। खेल से पहले ही उन्होने च्यूंगम का पैकेट निकाला और मुझसे लेने को कहा। अपने छोटे बच्चो को भी उन्होने इसे दी। मैने धन्यवाद कहते हुये इंकार कर दिया। वे बोले यह शुगर फ्री है। मैने कहा कि मेरे न लेने के दूसरे कारण है। बहुत पूछने पर मैने बताया कि यह बच्चो के लिये नही है और इसमे ऐसा तत्व है जो किडनी के लिये नुकसानदायक है। वे हँसने लगे। उन्होने समझा कि मै मजाक कर रहा हूँ। मैने उनसे पैकेट माँगा और फिर उसमे बारीक अक्षरो मे अंकित कुछ पंक्तियाँ पढवा दी। उसमे साफ लिखा था ‘नाट फार माइनर्स’। साथ की एक रसायन का नाम लिखा था। वे चौक पडे। उन्होने घर फोन लगाया और अपनी पत्नी से इंटरनेट पर इस रसायन के बारे मे पता करने को कहा। दस मिनट के अन्दर फोन आया कि हाँ यह रसायन किडनी के लिये अभिशाप है और किडनी के रोगो से प्रभावित रोगियो को तो इसे खाना ही नही चाहिये।

पूरा लेख इस कडी पर पढे

http://ecoport.org/ep?SearchType=earticleView&earticleId=3180&page=-2

3 comments:

Gyandutt Pandey said...

अरे बाप रे! चलो गनीमत है कि च्यूंगम नहीं खाता मैं। यदा कदा सौंफ चबा लेता हूं।

Udan Tashtari said...

यहाँ तो हर कॉफी के बाद और मिटिंग के पहले च्यूंगम चलती है.,..... गई किडनी यहाँ तो...हाय्य्य!! क्या करुँ और पूरे अमेरीकन और कनेडियन क्या करें???? समझ नहीं आ रहा...ये सब ९५ साल की आयु में कैसे अपनी आदत बदलें.


बाकी आप बतायें भारतीय इनसे ज्यादा कैसे जी लेते हैं??? :)

छत्तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari said...

Thank you for this article. I have red this article, uncle please write one more story about tobacco that how dangerous it is.

Animesh Tiwari

भईया मोर बालक ल पढायेंव त वो मोरे पीछू पर गे । हा हा हा । अब लिख देबे भई मोर माखुर खाये के खतरा के बारे म ।

संजीव